Description
नक्षत्र — वेदों की आँख | भाग २ (हिंदी)
27 नक्षत्रों की संपूर्ण वैदिक विवेचना — द्वितीय खंड
नक्षत्र यात्रा का द्वितीय चरण — और भी गहरा, और भी व्यापक।
नक्षत्र — वेदों की आँख, भाग २ में उत्कर्ष त्रिपाठी जी ने शेष नक्षत्रों की विस्तृत विवेचना के साथ-साथ नक्षत्रों के उन्नत फलकथन तकनीकों को उजागर किया है जो सामान्यतः गुरु-शिष्य परंपरा में ही प्राप्त होती थीं।
इस खंड में विशेष रूप से:
- शेष नक्षत्रों का गहन मनोवैज्ञानिक और ज्योतिषीय विश्लेषण
- नक्षत्र नाड़ी और नक्षत्र मेलापक का व्यावहारिक प्रयोग
- नक्षत्र से दशा फल का विस्तृत विवेचन
- ग्रहों का नक्षत्र में उच्च-नीच और मित्र-शत्रु भाव
- नक्षत्र पाद विश्लेषण और नवांश से समन्वय
- विशेष नक्षत्र योग और उनका जीवन पर प्रभाव
भाग १ के बाद यह पुस्तक उस ज्ञान को पूर्णता प्रदान करती है जो हर ज्योतिषी को चाहिए।
“नक्षत्र का ज्ञान अधूरा है जब तक दोनों खंड न पढ़े जाएं — यह द्वितीय खंड वह दरवाजा है जो ज्योतिष की आत्मा तक ले जाता है।”

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